भारत में लिवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। Novo Nordisk की वेट-लॉस दवा Wegovy को भारतीय ड्रग रेगुलेटर CDSCO से MASH (Metabolic Dysfunction-Associated Steatohepatitis) यानी फैटी लिवर डिजीज के इलाज के लिए मंजूरी मिल गई है।
यह दुनिया और भारत दोनों जगह non-cirrhotic MASH के इलाज के लिए अप्रूव होने वाली पहली और इकलौती GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट दवा बन गई है, खासकर उन मरीजों के लिए जिनमें मॉडरेट से एडवांस्ड लिवर फाइब्रोसिस की समस्या है।
यह मंजूरी Phase 3 ESSENCE ट्रायल के नतीजों के आधार पर दी गई है, जिसमें 1,197 मरीजों को शामिल किया गया था। ट्रायल में सामने आया कि 63% मरीजों में लिवर इंफ्लेमेशन पूरी तरह ठीक हो गया, जबकि 37% मरीजों में लिवर फाइब्रोसिस में सुधार देखा गया।
भारत में फैटी लिवर डिजीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर खराब लाइफस्टाइल और मोटापे की वजह से। ऐसे में इस दवा की मंजूरी को डॉक्टर्स और मरीजों दोनों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के इनोवेटिव ट्रीटमेंट्स भारत में लिवर संबंधी बीमारियों से लड़ने में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।

