Ladakh के जाने-माने Education Reformer और Environmentalist Sonam Wangchuk को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। Delhi High Court ने आदेश दिया है कि 59 साल के Wangchuk को बेहतर और लगातार मेडिकल देखभाल के लिए Medanta Hospital शिफ्ट किया जाए। कोर्ट ने साफ कहा कि उनकी सेहत को देखते हुए continuous care ज़रूरी है।
दरअसल Wangchuk पिछले तीन हफ्तों से भूख हड़ताल पर थे, जिसकी वजह से उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह घटना उस वक्त हुई जब देशभर में शिक्षा और परीक्षा सिस्टम में करप्शन के खिलाफ युवाओं का आंदोलन तेज़ हो रहा था। Wangchuk इस मुद्दे पर अपनी सहमति और समर्थन जताने के लिए अनशन पर बैठे थे।
Delhi High Court में इस मामले पर सुनवाई के दौरान वकीलों ने Wangchuk की गिरती सेहत को लेकर गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि उनकी हालत पर लगातार नज़र रखी जाए और ज़रूरत पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बुलाई जाए।
Wangchuk को Magsaysay Award विजेता के तौर पर जाना जाता है और वो लंबे समय से Ladakh को Sixth Schedule के तहत संवैधानिक सुरक्षा दिलाने की मांग करते रहे हैं। उनकी हालत को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने चिंता जताई है और जल्द रिकवरी की दुआएं मांगी जा रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर और अपडेट्स की उम्मीद है।

