Digital India की दिशा में एक और अहम कदम उठाया गया है। BHASHINI Division (DIBD) ने National Health Authority (NHA) के साथ हाथ मिलाया है, ताकि देश के flagship digital health platforms में multilingual और voice-enabled language technologies को शामिल किया जा सके।
इस partnership का मकसद है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोग, जो अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं, वो भी आसानी से digital health services का इस्तेमाल कर सकें। अभी तक भाषा की बाधा कई लोगों के लिए digital health platforms का उपयोग करना मुश्किल बना देती थी।
इस नई पहल के तहत अब लोग अपनी मातृभाषा में voice commands के जरिए भी health records, appointments और अन्य सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह खास तौर पर बुजुर्गों और उन लोगों के लिए मददगार साबित होगा, जो टाइपिंग या अंग्रेजी में कंफर्टेबल नहीं हैं।
सरकार का मानना है कि यह कदम Ayushman Bharat Digital Mission जैसी बड़ी योजनाओं की पहुंच को और बढ़ाएगा, और भारत के digital health ecosystem को और ज्यादा inclusive बनाएगा।

