BRICS Summit 2026 से पहले हुई Health Working Group मीटिंग में भारत ने एक अहम भूमिका निभाई, जिसमें healthy lifestyles और mental wellness को वैश्विक स्वास्थ्य एजेंडे में प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
यह पहल इस बात का संकेत है कि भारत अब सिर्फ इलाज-केंद्रित स्वास्थ्य नीति से आगे बढ़कर preventive और holistic healthcare की दिशा में वैश्विक नेतृत्व करना चाहता है। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती जागरूकता भी इस बदलाव का हिस्सा है।
BRICS देशों के स्वास्थ्य प्रतिनिधियों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां जैसे डायबिटीज़, हार्ट डिजीज और मोटापा तेजी से बढ़ रही हैं, और इनसे निपटने के लिए सिर्फ इलाज नहीं बल्कि रोकथाम पर ध्यान देना जरूरी है।
भारत ने योग, आयुर्वेद और पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों को भी इस चर्चा में शामिल करते हुए बताया कि कैसे यह तरीके preventive healthcare में एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। इसे कई BRICS सदस्य देशों ने सराहा भी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह एजेंडा आगे बढ़ता है, तो आने वाले सालों में BRICS देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग और भी गहरा हो सकता है, जिसका सीधा फायदा आम जनता को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में मिलेगा।

