Indian Rupee को इस हफ्ते बड़ा झटका लगा है, और यह मई के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज कर चुका है। इसके पीछे मुख्य वजह क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें और डॉलर की मजबूत डिमांड बताई जा रही है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और शिपिंग रूट्स में आ रही दिक्कतों की वजह से ग्लोबल क्रूड मार्केट्स में उथल-पुथल मची हुई है, जिसका सीधा असर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों की करेंसी पर पड़ रहा है।
हालांकि, इसके बावजूद देश के प्रमुख शहरों में फ्यूल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर बिक रहा है।
फॉरेक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ग्लोबल क्रूड मार्केट में स्थिरता नहीं आई, तो आने वाले हफ्तों में रुपये पर दबाव और बढ़ सकता है।
आम जनता के लिए यह गिरावट आयातित सामान और विदेश यात्रा को महंगा कर सकती है, वहीं एक्सपोर्टर्स के लिए यह कुछ हद तक फायदेमंद भी साबित हो सकती है।

