Ladakh के जाने-माने education reformer और climate activist Sonam Wangchuk को दिल्ली के Jantar Mantar पर चल रहे उनके 21 दिन लंबे hunger strike के बाद Safdarjung Hospital में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टरों के मुताबिक उनमें dehydration के गंभीर लक्षण दिखे, लेकिन Wangchuk ने medical treatment लेने से इनकार कर दिया है और अपने अनशन पर अड़े हुए हैं।
Wangchuk अपने लद्दाख के लिए Sixth Schedule का दर्जा और statehood की मांग को लेकर protest कर रहे हैं। यह demand लंबे समय से लद्दाख के लोगों की तरफ से उठाई जा रही है, खासकर 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग होकर केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद।
उनके समर्थकों और लद्दाख के स्थानीय संगठनों ने सरकार से जल्द बातचीत शुरू करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भी #SaveWangchuk जैसे hashtags trend कर रहे हैं।
सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय के अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

