India के लाखों Micro, Small and Medium Enterprises (MSMEs) के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। CTIL और Confederation of Indian Industry (CII) ने मिलकर एक practical guidebook लॉन्च की है, जिसका मकसद MSMEs को export readiness में सुधार करने और global market में उनकी competitiveness बढ़ाने में मदद करना है।
यह guidebook खासतौर पर उन छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए तैयार की गई है, जो अभी तक international markets में अपनी पहुंच नहीं बना पाए हैं या फिर export प्रक्रिया की जटिलताओं की वजह से पीछे रह गए हैं। इसमें documentation, compliance, quality standards और logistics जैसे अहम पहलुओं पर step-by-step guidance दी गई है।
Industry जानकारों का मानना है कि MSME sector भारत की economy की रीढ़ है, और अगर इन्हें सही guidance और support मिले, तो यह sector export revenue में बड़ा योगदान दे सकता है। CII का कहना है कि आने वाले महीनों में इस guidebook के आधार पर देशभर में workshops और training sessions भी आयोजित किए जाएंगे।
यह पहल ऐसे समय पर आई है जब सरकार लगातार Make in India और Atmanirbhar Bharat जैसी योजनाओं के जरिए local manufacturing और exports को बढ़ावा दे रही है। जानकारों के मुताबिक, यह guidebook छोटे उद्यमियों के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

