सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के ऐलान ने आम जनता को नाराज कर दिया है। यह फैसला सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Instagram और X (पहले Twitter) पर मीम्स, जोक्स और राजनीतिक तंज की बाढ़ आ गई।
सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी E20 petrol rollout को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत ethanol मिलाया जाता है, जिसका मकसद विदेशों से आयात होने वाले crude oil पर निर्भरता कम करना, carbon emissions घटाना और घरेलू स्तर पर ethanol production को बढ़ावा देना है।
आम आदमी की जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जो रोजाना अपने वाहन से ऑफिस या काम पर जाते हैं। Transport sector से जुड़े लोगों ने भी चिंता जताई है कि इस बढ़ोतरी से माल ढुलाई महंगी होगी, जिसका असर आखिरकार रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ेगा।
विपक्षी दलों ने इस मौके को हाथ से नहीं जाने दिया और सरकार पर आम जनता पर बोझ डालने का आरोप लगाया। कई नेताओं ने संसद में इस मुद्दे को उठाने की बात कही है। दूसरी तरफ, सरकार का तर्क है कि लंबे समय में यह कदम देश को energy independence की तरफ ले जाएगा और आम जनता को भी फायदा होगा।
Experts का कहना है कि E20 rollout अच्छी पहल है, लेकिन कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की टाइमिंग पर सवाल उठाना लाजमी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।

