Reserve Bank of India (RBI) ने अपने 2026-27 के एजेंडे का खुलासा किया है, जिसमें बैंकिंग सिस्टम को लेकर कई बड़े बदलावों का ऐलान किया गया है। इसमें सबसे अहम है RBI Act की समीक्षा और next-generation core banking system यानी e-Kuber 3.0 का लॉन्च।
e-Kuber, RBI का core banking सॉल्यूशन है जिसके ज़रिए बैंकों के बीच बड़े पैमाने पर फंड ट्रांसफर और सेटलमेंट होता है। इसके नए वर्ज़न 3.0 से सिस्टम की स्पीड, सिक्योरिटी और क्षमता में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।
इसके साथ ही RBI एक alternative payment system और एक unified enterprise platform पर भी काम कर रहा है, जिससे बैंकिंग ऑपरेशंस को और सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन के तहत बैंकिंग सेक्टर को और आधुनिक बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
इसके अलावा RBI ने हाल ही में तीन से पांच साल की अवधि वाली नई Foreign Currency Non-Resident (Bank) यानी FCNR(B) डिपॉज़िट पर ब्याज दर की सीमा को अस्थायी रूप से हटा दिया है, जो 17 जून 2026 से 30 सितंबर तक लागू रहेगी। इससे बैंकों को विदेशी मुद्रा जमा जुटाने में ज़्यादा लचीलापन मिलेगा।
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि यह सभी कदम मिलकर भारत के बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर और प्रतिस्पर्धी बनाएंगे, साथ ही आम ग्राहकों के लिए भी डिजिटल बैंकिंग अनुभव बेहतर होगा।

