NEET-UG 2026 paper leak के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा। जाने-माने पर्यावरणविद् और इंजीनियर Sonam Wangchuk का indefinite hunger strike आज यानी गुरुवार को अपने 26वें दिन में पहुंच गया। Gurugram स्थित Medanta Hospital ने अपने ताज़ा medical bulletin में बताया कि उनकी हालत “stable and unchanged” बनी हुई है।
अस्पताल के अनुसार Wangchuk अब भी multidisciplinary doctors की टीम की निगरानी में हैं, वे सचेत (alert) हैं और उनके सभी vital parameters स्वीकार्य सीमा में बताए गए हैं। यह भी स्पष्ट किया गया कि उन्हें दिया जा रहा हर इलाज उनकी informed consent के मुताबिक ही है। बीते दिनों Delhi High Court के आदेश पर उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए Medanta शिफ्ट किया गया था।
इस बीच Jantar Mantar पर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। AISA से जुड़े छात्र और देशभर से पहुंचे युवा NEET paper leak के साथ-साथ CBSE की On-Screen Marking और revaluation प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर भी अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। मुख्य मांग अब भी वही है — Education Minister Dharmendra Pradhan का इस्तीफा।
Shimla, Itanagar, Goa, Kerala के Thrissur, Mumbai, Bengaluru, Kolkata से लेकर Ladakh तक यह आंदोलन फैल चुका है। Wangchuk के 26 दिन के लंबे अनशन ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर और गहराई दे दी है, और अब सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और Opposition के बीच यह गतिरोध कब और कैसे सुलझता है।

