Supreme Court ने 1993 के Mumbai serial blasts case के दोषी गैंगस्टर Abu Salem की समय से पहले रिहाई की अर्जी को खारिज कर दिया है। Salem को इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
Salem ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि उसे जल्द रिहा किया जाना चाहिए, लेकिन कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी। यह फैसला 1993 के blasts में मारे गए सैकड़ों लोगों के परिवारों के लिए राहत की खबर है।
गौरतलब है कि 1993 के Mumbai serial blasts भारत के इतिहास की सबसे भयानक आतंकी घटनाओं में से एक माने जाते हैं, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई थी और हजारों घायल हुए थे। Abu Salem को कई सालों बाद Portugal से extradite करके भारत लाया गया था।
कानूनी जानकारों का कहना है कि extradition treaty की शर्तों के चलते Salem के केस में कई जटिलताएं रही हैं, लेकिन Supreme Court का यह ताजा फैसला साफ करता है कि गंभीर आतंकी मामलों में जल्द रिहाई आसान नहीं होगी।
इस फैसले का स्वागत victims के परिवारों और कानूनी विशेषज्ञों दोनों ने किया है, और इसे न्याय व्यवस्था में जनता के भरोसे को मजबूत करने वाला कदम बताया जा रहा है।

