Reserve Bank of India (RBI) के Deputy Governor Swaminathan Janakiraman के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने उनका कार्यकाल 26 जून 2026 से दो साल के लिए और बढ़ा दिया है।
यह फैसला बैंकिंग सेक्टर के लिए स्थिरता की दृष्टि से अहम माना जा रहा है, क्योंकि Janakiraman लंबे समय से RBI के महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके अनुभव को देखते हुए यह विस्तार बैंकिंग रेगुलेशन और मौद्रिक नीति के मोर्चे पर निरंतरता सुनिश्चित करेगा।
इसके साथ ही यह भी सामने आया है कि 13 Non-Banking Financial Companies (NBFCs) ने स्वेच्छा से अपना रजिस्ट्रेशन सरेंडर कर दिया है। इनमें J Thomas Finance, Econ-Super Sales, Hitesha Finance and Investment जैसी कंपनियां शामिल हैं, जिन्होंने बिज़नेस बंद करने, मर्जर या रेगुलेटरी अनुपालन जैसी वजहों से यह कदम उठाया।
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि Janakiraman का कार्यकाल बढ़ाया जाना RBI की नीतिगत निरंतरता के लिए सकारात्मक संकेत है, खासकर तब जब बैंकिंग सेक्टर में कई बड़े तकनीकी और नियामकीय बदलाव प्रस्तावित हैं।
RBI के आधिकारिक बयान के मुताबिक, आने वाले महीनों में डिप्टी गवर्नर की अगुवाई में बैंकिंग सुपरविज़न और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और मज़बूत करने पर काम जारी रहेगा।

