Reserve Bank of India (RBI) की एक ताजा रिपोर्ट ने gold loan sector में आई जबरदस्त तेजी को उजागर किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2026 के अंत तक gold jewellery के बदले दिए गए outstanding loans का आंकड़ा 3.29 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि के 1.94 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 69.9 प्रतिशत ज्यादा है।
यह भारी उछाल बताता है कि आम भारतीय परिवार अब पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए तेजी से gold loans की तरफ रुख कर रहे हैं। खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में, जहां formal credit तक पहुंच सीमित है, वहां gold loan एक आसान और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरा है।
Banking experts का मानना है कि इस बढ़ोतरी के पीछे कई वजहें हैं। एक तरफ सोने की कीमतों में लगातार तेजी ने लोगों को अपने गहनों के बदले ज्यादा रकम पाने का मौका दिया है, तो दूसरी तरफ digital lending platforms और bank branches के जरिए gold loan लेना पहले से कहीं आसान हो गया है।
हालांकि, इस तेज ग्रोथ ने regulators की चिंता भी बढ़ाई है। RBI पहले भी कई बार gold loan देने वाली NBFCs और बैंकों को KYC नियमों और proper loan-to-value ratio का पालन करने की सख्त हिदायत दे चुका है, ताकि किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता को रोका जा सके।
Financial analysts का कहना है कि आने वाले महीनों में भी यह ट्रेंड जारी रह सकता है, खासकर अगर सोने की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं। इससे बैंकों और NBFCs दोनों के लिए gold loan एक अहम business segment बनता जा रहा है।

