जून महीने में भारत की wholesale price inflation (WPI) ने नया रिकॉर्ड बना दिया है, और करीब 18 महीनों में पहली बार यह RBI के 4% के target level से ऊपर निकल गई है।
इस उछाल के पीछे मुख्य वजह food items और primary articles की कीमतों में तेज बढ़ोतरी बताई जा रही है। सब्जियों, दालों और अनाज के दामों ने आम आदमी की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है।
Economists का कहना है कि अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो RBI को आगामी monetary policy review में interest rates को लेकर सख्त रुख अपनाना पड़ सकता है।
हालांकि कुछ experts यह भी मान रहे हैं कि monsoon की स्थिति बेहतर होने के बाद अगले कुछ महीनों में food inflation में राहत मिल सकती है।
सरकार ने कहा है कि वह supply-side interventions के जरिए जरूरी वस्तुओं की कीमतों को काबू में रखने की कोशिश कर रही है।

