भारत की व्यापार नीतियों को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। Commerce Minister of State Jitin Prasada ने बताया कि भारत इस वक्त World Trade Organisation यानी WTO में कुल नौ बड़े ट्रेड डिस्प्यूट्स को डिफेंड कर रहा है।
इन विवादों में चीनी यानी sugar subsidies, ICT यानी सूचना-तकनीक उत्पादों पर टैरिफ, और Production Linked Incentive यानी PLI स्कीम से जुड़े मामले शामिल हैं। कुछ केसों में भारत की तरफ से अपील भी दाखिल की गई है और वे अभी अलग-अलग स्तर पर पेंडिंग हैं।
दरअसल कई विकसित देश भारत की सब्सिडी और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को लेकर आपत्ति जताते रहे हैं, उनका तर्क है कि ये WTO के नियमों के खिलाफ जाती हैं। वहीं भारत का कहना है कि ये स्कीमें किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी हैं।
व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इन विवादों का नतीजा आने वाले सालों में भारत की इंडस्ट्रियल पॉलिसी और एक्सपोर्ट स्ट्रैटेजी पर बड़ा असर डाल सकता है। सरकार का कहना है कि वह अपने किसानों, चीनी मिलों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के हितों की पूरी मजबूती से पैरवी करती रहेगी।

