भारतीय Economy को लेकर एक शानदार आंकड़ा सामने आया है, जो देश की बढ़ती आर्थिक ताकत को दिखाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत का Global Savings में हिस्सा 1992 में 3.3% था, जो 2025 तक बढ़कर 10.3% हो गया है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि Purchasing Power Parity यानी PPP Terms में भारत अब इस मामले में United States से भी आगे निकल चुका है। यह आंकड़ा बताता है कि पिछले तीन दशकों में भारतीय Households और Businesses की Saving Capacity में कितना बड़ा बदलाव आया है।
Economists का मानना है कि यह Growth कई Factors की वजह से मुमकिन हुई है — जैसे बढ़ती Per Capita Income, Financial Inclusion में सुधार और Banking Sector तक ज्यादा लोगों की पहुंच। Digital Payments और Formal Banking System में हुए बदलावों ने भी Savings को बढ़ावा दिया है।
यह आंकड़ा भारत की Long-Term Economic Story के लिए एक अच्छा संकेत माना जा रहा है। ज्यादा Domestic Savings का मतलब है कि देश के पास Investment के लिए ज्यादा Capital उपलब्ध होगा, जिससे Infrastructure और Industrial Growth को भी रफ्तार मिल सकती है।

