WPI Inflation ने तोड़ा दशक का रिकॉर्ड, जून में पहुंची 9.87% पर

India की Wholesale Price Index (WPI) inflation ने जून 2026 में एक चिंताजनक आंकड़ा छू लिया है। यह करीब 9.87% तक पहुंच गई है, जो Covid-19 के दौर को छोड़कर पिछले एक दशक में सबसे तेज़ बढ़ोतरी मानी जा रही है।

Economists के मुताबिक, इस उछाल के पीछे मुख्य वजह fuel, power और manufactured goods की कीमतों में तेज़ी है। खासकर global crude oil prices में हाल की बढ़ोतरी — जो US-Iran tensions से जुड़ी है — का सीधा असर fuel और energy की wholesale कीमतों पर पड़ा है।

WPI inflation वह आंकड़ा है जो producers और wholesalers के स्तर पर कीमतों में बदलाव को मापता है, और यह अक्सर आने वाले महीनों में retail inflation (CPI) पर असर डालने का संकेत देता है। ऐसे में यह आंकड़ा सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि आम आदमी की जेब पर भी असर डाल सकता है।

Deloitte जैसी agencies ने पहले ही India की growth rate का अनुमान 6.5-6.8% के आसपास घटाकर रखा था, और अब बढ़ती inflation इस अनुमान पर और दबाव बना सकती है। RBI और finance ministry के लिए आने वाले महीने policy के लिहाज़ से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं, क्योंकि growth और inflation, दोनों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होगा।

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