Middle East में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। Yemen के Iran-समर्थित Houthi rebels ने Saudi Arabia पर missiles और drones से हमला किया है, जो Saudi की Red Sea स्थित रणनीतिक शहर Hodeida पर हुई airstrikes के जवाब में बताया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने global शिपिंग रूट्स को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
Houthi के military spokesperson Brig Gen Yahya Saree ने बताया कि यह हमला Yanbu और Jizan शहरों में स्थित Aramco की सुविधाओं को निशाना बनाकर किया गया, जो दुनिया की सबसे बड़ी oil company है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब US और Iran के बीच Strait of Hormuz को लेकर भी तनातनी जारी है।
भारत के लिए यह खबर अहम इसलिए है क्योंकि देश अपनी crude oil जरूरतों का बड़ा हिस्सा import के जरिए पूरा करता है। हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के चलते भारतीय crude oil basket की कीमत पहले ही करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है, जिससे industrial input costs पर दबाव बना हुआ है।
Economists का कहना है कि अगर Middle East में तनाव और बढ़ता है, तो इसका सीधा असर भारत में petrol-diesel की कीमतों, transportation cost और आखिरकार आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है। इसके अलावा plastics, chemicals और base metals जैसे sectors की production cost भी बढ़ सकती है।
सरकार और तेल कंपनियां फिलहाल स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि भारत को अपने strategic petroleum reserves और alternative energy sources पर और तेजी से काम करने की जरूरत है ताकि ऐसे global झटकों से बचा जा सके।

